अब फ्लिपकार्ट, अमेजान और पेटीएम पर मिलेंगे देशभर के आदिवासियों द्वारा निर्मित समान 

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ट्राइव्ज शो रूम पर उत्पादों पर 40 प्रतिशत छूट का ऑफर सीनियर आई.ए.एस प्रवीर कृष्ण और संभागायुक्त ने ट्राइव्ज शो-रूप का निरीक्षण कर छूट योजना का शुभारंभ किया

इंदौर 12 दिसम्बर, 2017:  देश और प्रदेश के आदिवासियों के द्वारा बनाये जा रहें समानों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केट उपलब्ध कराने के लिए फ्लिपकार्ट, अमेजान और पे.टीएम जैसे ई-कार्मस कंपनियों पर उपलब्ध होगें। ऑन लाइन शापिंग के माध्यम से जनजातियों द्वारा बनाने जा रहें समान की मार्केटिंग की जायेगी और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इन समानों को मार्केट उपलब्ध होगा। ई-कार्मस कंपनियों के द्वारा देश के जनजातियों द्वारा बनाये जा रहें उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने के लिये भारत सरकार प्रयास कर रही है। उक्त सभी कम्पनियों के साथ-साथ अन्य कॉमर्स कम्पनियों पर भी ये उत्पाद बिक्री के लिये उपलब्ध रहेंगे। इन सभी उत्पादकों की गुणवत्ता अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार रहेगी। एमडी ट्रायफेक श्री प्रवीर कृष्ण ने बताया कि जनजातीय समाज द्वारा देश के अलग-अलग अंचलों में 28 राज्यों में जनजातीय द्वारा उनकी संस्कृति के अनुसार सामान, कलाकृति एवं कपड़े बनाये जा रहे हैं। इन सामानों को उचित मूल्या दिलाने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केट उपलब्ध कराने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं।
एमडी ट्राईब्स श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि देश में ट्रायफेक द्वारा ट्राइब्स के 100 से अधिक शोरूम, 15 से अधिक फ्रेंचचाईजी के माध्यम से उक्त सामानों को प्रदर्शित कर बिक्री की जा रही है। केन्द्र सरकार शून्य लाभ पर यह कार्य कर रही है। ई-कामर्स कम्पनियों के द्वारा अब यह सामान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री के लिये उपलब्ध रहेगा। जनवरी, 2018 से फ्लिपकार्ड, अमेजान, पे-टीएम, स्नेपडिल आदि साईड पर यह सामान प्रदर्शित होगा। जिससे देश की जनजातियों द्वारा बनाये जा रहे सामानों से उनको लाभ होगा और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
श्री प्रवीर कृष्ण ने आज संभागायुक्त श्री संजय दुबे के साथ किशनपुरा पुल के सामने स्थित ट्राईब्स शौरूम पर 40 प्रतिशत छूट की योजना का शुभारंभ भी किया। ट्राईप्स शोरूम पर उपलब्ध सामनों पर 31 मार्च तक यह छूट उपलब्ध रहेगी। श्री कृष्ण ने बताया कि देशभर में 55 हजार से अधिक आदिवासी कारीगर इन उत्पादों को बना रहे हैं और इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता अंतर्राष्ट्रीय स्तर की है। जनजातीय द्वारा बनाये जा रहे सामानों को बिक्री के लिये आदि मेला 19 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक भोपाल में आयोजित किया जायेगा,जिसमें 200 से अधिक कारीगर और जनजातीय समूह के लोग अपनी संस्कृति के साथ-साथ स्वयं निर्मित सामानों को प्रदर्शित करेंगे। दिल्ली में आयोजित आदि मेले में बंजारा बिरयानी का स्टॉल लगाया गया था,जिसमें चार करोड़ की बिक्री हुई है। मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ऐसे मेलों का आयोजन होगा,जिसमें कलाकृति,कपड़े,धातु से बनी आकृतियां और खाने की वस्तुयें बिक्री हेतु रखी जायेंगी।
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कहा कि इस माह आयोजित होने वाले डॉक्टर कांफ्रेंस और फ्रेण्ड्स ऑफ एमपी समारोह में भी ट्राईब्स के शोरूम पर उपलब्ध सामानों को विक्रय हेतु प्रदर्शित किया जायेगा। इसके साथ ही संभाग स्तर पर आयोजित होने वाली कांफ्रेंस में भी उक्त सामानों का भी उपयोग किया जायेगा। इंदौर में मार्च और अप्रैल माह में आदिवासीस जनजातीय सामान एवं खाद्य पदार्थों के प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु मेले का आयोजन किया जायेगा।