“एकात्म यात्रा” में शामिल हुए मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने किया आदि गुरु शंकराचार्य जी की प्रतिमा का अनावरण

 

ग्वालियर । भौतिकता की अग्नि में दग्ध दुनिया को शांति का दिगदर्शन अद्वैत दर्शन ही करायेगा। भारतीय सांस्कृतिक एकता एवं सामाजिक समरसता के ध्वज वाहक आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा बताए गए अद्वैतवाद दर्शन में दुनिया की सब समस्याओं का समाधान निहित है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यक्‍त किए। मुख्यमंत्री बुधवार को ग्वालियर में आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के लिये धातु संग्रहण एवं जन-जागरण के उद्देश्य से आई “एकात्म यात्रा” के तहत आयोजित हुए जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

“एकात्म यात्रा” के तहत आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व के कल्याण की बात कहती है। जब सभी प्राणियों में एक ही आत्मा है तो जातिवाद, संप्रदायवाद व क्षेत्रवाद जैसी बातों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। हमारी संस्कृति कहती है कि पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों में भी एक ही चेतना और ईश्वर का वास है। देवी-देवताओं की सवारी भी पशु बताए गए हैं। इसीलिए भारतीय सनातन संस्कृति में नदियों को माता और पहाड़ों व प्रकृति को देवी-देवता तुल्य मानकर पूजा जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार का काम केवल सड़क, अस्पताल व अन्य निर्माण कार्य नहीं, सरकार का काम इंसान की जिंदगी बनाना भी होता है। भारतीय संस्कृति में आदिकाल से संतों के निर्देशन में राज सत्तायें समाज को दिशा देने का काम करती रही हैं। इसी पुनीत उद्देश्य को लेकर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ओंकारेश्वर में अद्वैतवाद के प्रणेता आदि गुरू शंकराचाय की 108 फीट की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें प्रदेश की साढ़े 7 करोड़ जनता की भावनायें भी जुड़ें, इस पुनीत उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा सभी की भागीदारी से एकात्म यात्रा निकाली जा रही है। जिसके माध्यम से कलश के रूप में धातु संग्रहण और पवित्र मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। यह मिट्टी आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा का आधार बनेगी और धातु का उपयोग प्रतिमा निर्माण में होगा।

“एकात्म यात्रा” के संयोजक राजेश सोलंकी ने ग्वालियर में एकात्म यात्रा के तहत आयोजित हुए जन जागरण कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्वालियर शहर के सभी 66 वार्डों और ग्रामीण अंचल से उपयात्रायें यहाँ आई हैं। जन जागरण कार्यक्रम के तहत जिले में महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। नशामुक्ति व महिला सुरक्षा को लेकर 52 हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

आरंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा में आईं आदि गुरू शंकराचार्य की पादुकाओं एवं यात्रा कलश का सपत्नीक पूजन किया। साथ ही कन्या पूजन एवं पादपृच्छालन कर संतजनों से आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस अवसर पर शॉल-श्रीफल भेंट कर संतजनों का अभिनंदन भी किया।

उच्च शिक्षा मंत्री पवैया सिर पर चरण पादुका धारण कर पहुँचे
“एकात्म यात्रा” के साथ आईं आदि शंकराचार्य की पादुकाओं को उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया अपने सिर पर धारण कर संवाद कार्यक्रम स्थल पहुँचे। फूलबाग मैदान परिसर में चारों ओर फहराती सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजायें और मंगल कलशों से सजे-धजे प्रांगण ने पूरे प्रांगण को भक्तिमय बना दिया।

शहर के सभी 66 वार्डों व ग्रामीण क्षेत्रों से भी आईं उपयात्रायें
ग्वालियर शहर के सभी 66 वार्डों और जिले के ग्रामीण अंचल से भी उपयात्रायें निकलीं। मंगल कलश व गाँव की पवित्र मिट्टी धारण किए हुए महिला-पुरूष इन यात्राओं में शामिल हुए और मंगलगान गाते हुए फूलबाग मैदान पहुँचे।