कलेक्टर ने बेसहारा और बेघर बच्चों को कराई मेले की सैर

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ग्वालियर । जो बेघर हैं और बेसहारा भी। किसी ने पन्नी बीनकर तो किसी ने बचपन में ही कड़ी मेहनत के जरिए दो जून की रोटी जुटाने का काम किया है। ऐसे बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। ये बच्चे जब मेले में नाव वाले झूले पर बैठे और अपने बीच जिलाधीश को अभिभावक के रूप में पाया तो खुशी से उछल पड़े। कलेक्टर राहुल जैन की पहल पर आनंदम विभाग व मेला प्राधिकरण के सहयोग से आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र पागनबीसी के 66 बच्चों ने गुरूवार को मेले की सैर की।
इन सभी स्ट्रीट चिल्ड्रन ने मेले में अप्पू घर देखा और मौत का कुंआ के हैरत अंगेज करतब भी। साथ ही विभिन्न प्रकार के झूलों का भी लुत्फ उठाया। मेले में लगे इलेक्ट्रोनिक कंपनियों के बड़े-बड़े शोरूम देखकर बच्चे आश्चर्यचकित थे। बच्चों ने इसके अलावा मेले के अन्य सेक्टरों का भी भ्रमण किया। इसके बाद मद्रास कैफे में बैठकर किसी ने आइसक्रीम, किसी ने डोसा तो किसी ने चाऊमीन व छोले भटूरे सहित विभिन्न प्रकार के लजीज व स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।
दूसरी कक्षा में पढ़ रहे आर्यन जाटव व सतेन्द्र का कहना था कि हम पहली बार मेले आए और पहली बार किसी झूले में बैठे। वहीं चौथी कक्षा के विद्यार्थी एदल जाटव व अनिल रावत का कहना था कि मेले में हमने झूले देखे तो थे पर उनमें बैठे कभी नहीं थे। खान-पान के बड़े-बड़े स्टॉल देखकर मेरा जी ललचाता था, मगर आज कलेक्टर ने मद्रास कैफे में बिठाकर हम सबकी हसरत पूरी कर दी।
जिला प्रशासन द्वारा आनंद विभाग और मेला प्राधिकरण के सहयोग से इन बच्चों को मेले की नि:शुल्क सैर कराई गई। कलेक्टर राहुल जैन, अपर कलेक्टर शिवराज वर्मा, मेला सचिव शैलेन्द्र मिश्रा, जिला परियोजना समन्वयक दीक्षित, आनंदम सहयोगी डॉ. सत्यप्रकाश तथा आवासीय विद्यालय का स्टाफ भी उनके साथ मौजूद रहा।
मालूम हो प्रदेश सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय पागनबीसी में ऐसे बच्चों को नि:शुल्क भर्ती कराया गया है जो बेघर व अनाथ हैं। साथ ही पन्नी बीनते थे या किसी अन्य प्रकार के बाल श्रम में संलग्न थे। इसके अलावा शाला त्यागी बच्चे भी इस प्रशिक्षण केन्द्र में रह रहे हैं। कलेक्टर ने हाल ही में इस आवासीय केन्द्र में बच्चों के लिये नई रैक व सोने के लिये मल्टी पलंग का इंतजाम कराया है।