क्या राकेश चौधरी के अब आयेंगे अच्छे दिन?

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क्या राकेश चौधरी के अब आयेंगे अच्छे दिन?

श्रीगोपाल गुप्ता

अभी हाल ही में सपन्न हुये राजस्थान और मध्यप्रदेश में उप चुनावों में हार से हलकान मुख्यमंत्री बंसुधरा राजे और शिवराज सिंह पद से हटाये जाने शंसकित होकर “डेमेज कंट्रोल की कबायत में जुड़ गए हैं! इसमें राजस्थान की मुख्यमंत्री बंसुधरा राजे को कुछ हद तक कामयाबी मिल गई है! राजे ने अपने घुर विरोधी और प्रदेश के जनाधार वाले कद्दावर नेता एनपीपी के प्रदेश अध्यक्ष किरोणी मीणा की भाजपा में आज वापिसी कराकर विधानसभा चुनाव से पूर्व बड़ी सफलता प्राप्त कर ली है! मीणा ने अपनी पार्टी के तीन विधायकों सहित भाजपा में विलय कर दिया है बदले भाजपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजने का फैसला किया है! इधर मप्र में राज्यसभा के 23 मार्च को होने वाले चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने तीसरे उम्मीदवार के रुप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के प्रबल विरोधी कैलास सोनी नरसिंहपुर को उम्मीदवार घोषित करवाने में बड़ी सफलता प्राप्त कर ली है! दो दफा विधानसभा का चुनाव हार चुके सोनी पुराने समय से ही पटेल के घुर विरोधी माने जाते हैं! प्रदेश में संख्या बल के आधार पर भाजपा चार प्रत्याशियों को आराम से राज्यसभा भेज सकती है! तीन नाम तय हो जाने के बाद चौथै नाम पर शिवराज सिंह की अग्नि परीक्षा ब्राह्मण समाज के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री राकेश चोधरी को अपने वादे के अनुसार टिकट दिलाने की होगी! कुछ वर्ष पूर्व अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बेहद नाटकिय तरीके से कांग्रेस के उप नेता प्रतिपक्ष राकेश चौधरी को भाजपा में शामिल कराते समय शिवराज सिंह ने अपने वादे को पूरा नहीं किया है! चूंकि अभी हाल ही में विधानसभा के हुये दो उप चुनाव में करारी हार के बाद यहां भी “डेमेज कंट्रोल “की जरुरत महसूस की जा रही है! अब देखना यह है कि जी जान से राकेश चौधरी को राज्यसभा भेजने की मुहिम में शिवराज कितने सफल हो पाते हैं और राकेश चौधरी के भाजपा में रहते अच्छे दिन आते हैं कि नहीं ?क्योंकि विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्यसभा के लिए राकेश चौधरी के पास यह अंतिम मौका है!