गुजरात दौरा : पीएम मोदी ने किया IIT कैम्पस का उद्घाटन

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की राजधानी गांधी नगर में आईआईटी (IIT) के कैम्पस  का उद्घाटन करते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता के लिए यह मायने नहीं रखता की आप कितनी उम्र के हैं। भारत के उज्जवल भविष्य के लिए हमलोगों को सतर्क रहकर प्रयास करना होगा कि देश में डिजिटल डिवाइड पैदा नहीं हो। कुछ लोग माहिर हैं और किसी को कुछ नहीं पता तो यह सही नहीं होगा। घर में कितना ही बढ़िया टीवी आ जाए, शुरू में सबको लगता है कि यह क्या आ गया है लेकिन जब बच्चा चैनल बदलने लगता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें ध्यान रखना होगा की देश में डिजिटल डिवाइड पैदा न हो।

डिजिटल डिवाइड होने से समाज में बड़ा असंतुलन पैदा हो जाएगा. पीएम मोदी ने उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि घर में बच्चों को रिमोट से टीवी का चैनल बदलता देख बुजुर्ग भी ऐसा करना सीख जाते हैं। भारत सरकार ने देश में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को पहुंचाने का काम शुरू हुआ है। आज डिजिटल के माध्यम से छोटे-छोटे गांव में भी डिजिटल शिक्षा देने का लक्ष्य पूरा हुआ है। आने वाले दिनों में छह करोड़ परिवारों में एक-एक लोगों को यह शिक्षा दी जाएगी। भारत सरकार ने जो भीम ऐप बनाया है, दुनिया के देशों को अजुबा लग रहा है। आईआईटी के नए कैंपस के लिए जब जमीन देने का निर्णय लिया गया तब चुनाव नहीं थे। अगर चुनाव का दिन होता और मैंने उस समय यह जमीन देने का फैसला लिया होता तब जरूर आलोचना होती। चुनाव होता तो निकल पड़ते. जैसे बुलेट ट्रेन के खिलाफ बोलते। जरूर आलोचना करते।

उन्होने कहां कि हिन्दुस्तान में आईआईटी एक ब्रांड है। हर आईआईटी कैंपस की एक ताकत होती है। आज गांधीनगर आईआईटी में 75 फीसदी फैकल्टी वह हैं जो विदेशों में ट्रेंड होकर आए हैं। मैं उनके इस निर्णय की सराहना करता हूं। पहली बार हिन्दुस्तान में शिक्षा क्षेत्र में ऐसा हो रहा है। दुनिया में 500 टॉप यूनिवर्सिटी में हम कहीं नजर नहीं आते। ये कलंक मिटना चाहिए की नहीं। 2022 में आजादी के 75 साल के अवसर पर हम दुनिया के सामने यह कर सकते हैं कि नहीं कि हमारी यूनिवर्सिटी भी दुनिया के 500 टॉप में शामिल हो।