जानिए फ़िल्मी दुनिया से जुड़े कुछ मजेदार तथ्य

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जानिए फ़िल्मी दुनिया से जुड़े कुछ मजेदार तथ्य
जानिए फ़िल्मी दुनिया से जुड़े कुछ मजेदार तथ्य

वैसे तो आज हम इतने फॉरवर्ड हो गए है कि हर जानकारी हमारे आसपास रहती है …..लेकिन फिर भी हम आपको कुछ मजेदार जानकारियों से अवगत कराते है जिन्हें पड़कर आपका सामान्य ज्ञान बढेगा …..

पहला भारत का प्रथम दूरदर्शन केंद्र: नई दिल्ली

सबंधित जानकारी: 15 सितम्बर 1959 को दूरदर्शन की शुरूआत हुई इस का पहला केंद्र नई दिल्ली में स्थापित किया गया जल्द ही यह डी.डी. के नाम से प्रसिद्ध हो गया दशकों तक डी.डी. को टेलीविज़न पर्याय के रूप में जाना जाता रहा

-पहला दूरदर्शन का पहला धारावाहिक: हम लोग

सबंधित जानकारी: हालांकि दूरदर्शन की शुरूआत 1959 में हो चुकी थी लेकिन इस पर लोगों के मनोरंजन के उदेश्य से पहला धारावाहिक 7 जुलाई 1984 को प्रसारित करना आरम्भ किया गया डेढ़ वर्ष तक चलने तथा 154 प्रकरणों के बाद “हम लोग” कार्यक्रम को 17 दिसम्बर 1985 को बंद कर दिया गया इस के बाद बुनियाद, ये जो है ज़िन्दगी, महाभारत, रामायण तथा शक्तिमान जैसे धारावाहिकों ने लोगों का दशको तक मनोरंजन किया

पहला दूरदर्शन पर रंगीन कार्यक्रम का प्रसारण: 15 अगस्त 1982

सबंधित जानकारी: भारत के स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 1982 को दूरदर्शन द्वारा रंगीन कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू कर दिया गया इस के अंतर्गत पहला कार्यक्रम उस समय देश की प्रधानमंत्री रही इंदिरा गाँधी का “स्वतंत्रता दिवस भाषण” था इसी के साथ देश की लगभग 90 प्रतिशत जनसँख्या तक दूरदर्शन की पहुँच हो चुकी थी

-पहली फ़िल्म: राजा हरीशचन्द्र

सबंधित जानकारी: सन 3 मई 1913 में बनी राजा हरिश्चंद्र को भारत की प्रथम फ़िल्म होने का गौरव प्राप्त है इस फ़िल्म के निर्माता दादा साहेब फाल्के थे जो की भारतीय फ़िल्म जगत के पितामह माने जाते हैं यह एक मूक (ना बोलने वाली) फ़िल्म थी तथा मराठी सिनेमा तथा कलाकारों की बदौलत बनी थी इसी कारण यह मराठी सिनेमा की सर्वप्रथम फ़िल्म भी मानी जाती है

-पहली  बोलती फ़िल्म: आलम आरा

सबंधित जानकारी: 14 मार्च 1931 को प्रदर्शित हुई फ़िल्म आलम आरा भारत की पहली बोलती फ़िल्म थी जो कि पहली हिन्दी फ़िल्म भी कहलाती है क्योंकि इस से पहले बनी सभी भारतीय फ़िल्में मूक थी इस लिए उनकी कोई भाषा नहीं थी आलम आरा का अर्थ होता है “विश्व की रोशनी” प्रेम कथा पर आधारित इस फ़िल्म को बेहद लोकप्रियता मिली उस समय चालीस हज़ार की लागत में बनी इस फ़िल्म का निर्देशन अर्देशिर ईरानी ने किया था

-पहली  अभिनेत्री: दुर्गाबाई कामत

सबंधित जानकारी: फ़िल्म जगत में जब फ़िल्मों की शुरूआत हुई तब पुरूष अभिनेता ही स्त्री रूप बना कर अभिनय करते थे दादा साहेब फाल्के ने सन 1913 अपनी दूसरी फ़िल्म “मोहिनी भस्मासुर” में दुर्गाबाई कामत को अभिनेत्री लिया तथा दुर्गाबाई कामत फ़िल्म में पार्वती का रोल अदा कर भारत की प्रथम अभिनेत्री बनी तथा उनकी सुपुत्री कमलाबाई गोखले ने मोहिनी का रोल निभाया

-पहली  रंगीन फ़िल्म: किसन कन्या

सबंधित जानकारी: फ़िल्म जगत में मूक फ़िल्म के बाद बोलती फ़िल्म का निर्माण हो चुका था अगला पायदान था सिनेमा को रंगीन बनाना इसलिए निर्माता अर्देशिर ईरानी ने इस मांग को समझते हुएवर्ष 1937 में पहली रंगीन फ़िल्म “किसन कन्या” का निर्माण किया 137 मिनट की यह फ़िल्म भारत की पहली स्वदेश निर्मित रंगीन फ़िल्म बनी किसानो के जीवन पर आधारित यह फ़िल्म भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक मिसाल साबित हुई 10 गानों वाली इस फ़िल्म का निर्देशन मोती बी. गिडवानी ने किया था

-पहला राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार: 10 अक्टूबर 1954

सबंधित जानकारी: प्रथम राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के आबंटन की शुरूआत वर्ष 1954 में की गई इस का पर्मुख उदेश्य फ़िल्म जगत को बढ़ावा देना था यह पुरस्कार श्रेष्ठ नेर्देशक, अभिनेता, अभिनेत्री, संगीतकार आदि को दिया जाता है

 -भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजी गई पहली  फ़िल्म: मदर इण्डिया

सबंधित जानकारी: 25 अक्टूबर 1957 को भारत में प्रदर्शित हुई फ़िल्म “मदर इण्डिया” पहली ऐसी फ़िल्म बनी जो ऑस्कर के लिए नामांकित हुई इस फ़िल्म को बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फ़िल्म के लिए ऑस्कर नामांकन मिला था मदर इंडिया का निर्देशन महबूब खान ने किया था राष्ट्रिय फ़िल्म पुरस्कार से पुरस्कृत इस फ़िल्म को भारत के इतिहास की सबसे सफल फ़िल्मों में से एक होने का गौरव प्राप्त है

-पहली  प्रतिबंधित फ़िल्म: नील आकाशेर नीचे

सबंधित जानकारी: “नील आकाशेर नीचे” एक बांग्ला फ़िल्म है जिस का हिन्दी में अर्थ होता है “नीले आकाश के नीचे” इस फ़िल्म को वर्ष 1959 में प्रदर्शित किया गया था इस फ़िल्म में एक चीनी व्यक्ति वांग लू का सबंध फ़िल्म की अभिनेत्री बसंती से दिखाए गए थे जिस वजह से इस फ़िल्म को राजनितिक विरोध झेलना पड़ा तथा अंतत: भारत सरकार ने इस पर दो वर्ष का प्रतिबन्ध लगा दिया था तथा भारत के इतिहास में “नील आकाशेर नीचे” प्रतिबंधित होने वाली पहली फ़िल्म बन गई

-पहला सिनेमास्कोप फ़िल्म: कागज़ के फूल

सबंधित जानकारी: गुरू दत्त द्वारा निर्देशित फ़िल्म “कागज़ के फूल” भारत की पहली सिनेमास्कोप फ़िल्म थी 148 मिनट लंबी इस फ़िल्म को 2 जनवरी 1959 को प्रदर्शित किया गया था गुरू दत्त ने ही इस फ़िल्म में (सुरेश सिन्हा) की मुख्य भूमिका निभाई थी तथा अभिनेत्री वहीदा रहमान ने (शांति) का रोल अदा किया था

-पहली  70 एम. एम. फ़िल्म: अराउंड द वर्ल्ड

सबंधित जानकारी: अंग्रेजी नाम की इस हिन्दी फ़िल्म को भारत की पहली 70 एम. एम. फ़िल्म होने का गौरव प्राप्त है यह एक हास्य प्रेम-प्रसंग फ़िल्म है जो की वर्ष 1967 में प्रदर्शित हुई थी

-पहला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता: देविका रानी

सबंधित जानकारी: एक दशक तक फ़िल्म जगत में देविका रानी चौधरी ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया वर्ष 1930 से वर्ष 1940 का दशक देविका रानी के फ़िल्मी जीवन का शानदार हिस्सा रहा 30 मार्च 1908 को विशाखापटनम में जन्मी देविका रानी ने “कर्मा” नामक फ़िल्म से अभिनय की शुरूआत की जो कि वर्ष 1933 में प्रदर्शित हुई थी देविका के पहले पति हिमांशु राय का उनके अभिनय जीवन में विशेष योगदान रहा

-पहला ऑस्कर विजेता: भानु अथैय्या (बेस्ट कास्टयूम डिज़ाइनर)

सबंधित जानकारी: भानु अथैय्या को 1982 में प्रदर्शित हुई फ़िल्म “गांधी” के लिए ऑस्कर से सम्मानित किया गया तथा यह फ़िल्म उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि साबित हुई भारत, यू.के. तथा यू.एस. में प्रदर्शित हुई “गांधी”फ़िल्म अंग्रेजी भाषा में थी तथा जॉन ब्रिले द्वारा लिखी गई थी

-पहली  3 डी फ़िल्म: माई डिअर कुट्टीचरण

सबंधित जानकारी: मलयालम भाषा में बनी फ़िल्म “माई डिअर कुट्टीचरण” भारत की पहली 3 डी फ़िल्म थी इस फ़िल्म को 24 अगस्त 1984 को प्रदर्शित किया गया था उस समय लगभग 1 करोड़ की लागत से बनी फ़िल्म माई डिअर कुट्टीचरण का निर्देशन जिजो पुन्नूसे ने किया था

-पहला ऑस्कर फॉर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड विजेता: सत्यजीत रे

सबंधित जानकारी: अपने जीवनकाल में लगभग 36 से ज्यादा फ़िल्मों का निर्देशन करने वाले सत्यजीत रे प्रथम भारतीय थे जिन्हें (ऑस्कर फॉर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड) से सम्मानित किया गया सत्यजीत रे की पहली फ़िल्म“पथेर पांचाली” थी तथा पहली रंगीन फ़िल्म “कांचनजंघा” थी

-पहला फ़िल्म निर्माता जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया: सत्यजीत रे

सबंधित जानकारी: 2 मई 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजीत रे को वर्ष 1992 में भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया फ़िल्मी जगत में सत्यजीत रे का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है

-पहली ब्लैक एंड वाइट फ़िल्म जिसे डिज़िटल तकनीक द्वारा रंगीन किया गया: मुगले आज़म

सबंधित जानकारी: मुगले आज़म जिसका हिन्दी में अर्थ होता है “मुगलों का बादशाह” फ़िल्म को 5 अगस्त 1960 को हिन्दी तथा उर्दू भाषा में प्रदर्शित किया गया था इस फ़िल्म का निर्देशन के. आसिफ ने किया था तथा पृथ्वीराज कपूर ने बादशाह अकबर की भूमिका अदा की थी मुगले आज़म को डिज़िटल तकनीक द्वारा रंगीन बनाकर नवम्बर 2004 में पुन: प्रदर्शित किया गया

-पहली हिन्दी फ़िल्म जो यू.एस.ए. में प्रदर्शित तथा स्क्रीनड हुई: लगे रहो मुन्ना भाई

सबंधित जानकारी: महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित फ़िल्म “लगे रहो मुन्ना भाई” इसके प्रथम भाग “मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.” का सीक्वल था 144 मिनट लंबी इस फ़िल्म को 1 सितम्बर 2006 को प्रदर्शित किया गया था गांधीगिरी को प्रसिद्ध करते हुए इस फ़िल्म ने भारी सफलता प्राप्त की थी

-पहला ऑस्कर विजेता संगीत निर्देशक तथा डबल ऑस्कर विजेता: ए. आर. रहमान

सबंधित जानकारी: संगीत के क्षेत्र में सुप्रसिद्ध गायक ए. आर. रहमान को वर्ष 2009 में ऑस्कर से सम्मानित किया गया यह सम्मान उन्हें भारतीय-ब्रिटिश फ़िल्म “स्लमडॉग मिलियनेयर” जो की हिन्दी तथा अंग्रेजी में प्रदर्शित हुई थी, के संगीत में योगदान के लिए दिया गया था