ट्विटर पर बाबा रामदेव ने विदेशी कंपनियों के खिलाफ फूंका बिगुल

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भारत अब दीनता के पार हो, यूनिलीवर का बहिष्कार हो। हीनता का कारण हम स्वयं हैं, विदेशी श्रेष्ठ है यह बस वहम है। तेरी क्षमता का कर अब बखान तू, तेरी दरिद्रता का कर समाधान तू। पूछ क्या भारतीय दुनिया में किसी से कम हैं, देख इनके ज्ञान-विज्ञान का लहराता परचम है।

ये कविता स्वामी रामदेव ने अपने सोशल मीडिया ट्विटर पर पोस्ट कर विदेशी कंपनियों के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। स्वदेशी का नारा जोरदार तरीके से बुलंद किया है। स्वामी रामदेव योग गुरु के अलावा मार्केटिंग के ब्रांड एंबेस्डर बन चुके हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने ऐलान किया था कि तेजी से बढ़ते पतंजलि का कारोबार दस हजार करोड़ पार कर विदेशी कंपनियों को और बड़ी चुनौती देने लगी है, लेकिन इसमें भारतीयों का सहयोग उन्हें चाहिये।

स्वदेशी का बल उन्हें मिलना चाहिये। वे खुले तौर पर यूनिलीवर को देश से बाहर करने की मंशा से वार पहले भी कर चुके हैं, लेकिन अबकी मौका उन्होंने भावनाओं को लेकर भुनाया है। स्वामी रामदेव ने ये हमला उस वक्त बोला है, जब अर्धकुंभ प्रयागराज के दौरान विदेशी कंपनी यूनिलीवर ने वृत्त फिल्म में संबंधों को बाजार के रूप में दर्शाया। स्वामी रामदेव ने इसे ही मुद्दा बना दिया है।

वे कहते हैं कि ईस्ट इंडिया कम्पनी से लेकर इन सारी विदेशी कंपनियों का यही चरित्र है। हर सम्बन्ध को ये विदेशी कंपनियां सामान मानती हैं। हमारे लिए माता-पिता भगवान हैं। यह देश को एक बाज़ार मानते हैं, हमारे लिए देश एक परिवार है। वे कहते हैं कि भारत को आर्थिक, वैचारिक और सांस्कृतिक रूप से गुलाम, कमजोर और दरिद्र बनाना यही इनका एकमात्र लक्ष्य है। इसलिए इन विदेशी कम्पनियों का बहिष्कार किया जाना चाहिए।