भाजपा देश को दो हिस्सों में बांटकर देखती है। : राहुल गांधी

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कर्नाटक के हावेरी में आज राहुल गांधी एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज भी कसा है। राहुल गांधी ने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमला का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के लोग शहीद होते हैं।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सवालिया निशाना साधते हुए कहा कि मेरे पीएम मोदी से छोटा सा सवाल है, इन सीआरपीएफ के शहीदों को किसने मारा? जैश-ए-मोहम्मद के चीफ का नाम किया है? क्या बीजेपी की सरकार ने मसूद अजहर को हिंदुस्तान की जेल से पाकिस्तान नहीं भेजा था?

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी जी, आप देश को बताइए जब चीन की सेना डोकलाम में घुस गयी थी, तब आप चीन के राष्ट्रपति के साथ झूला झूल रहे थे। भाजपा देश को दो हिस्सों में बांटकर देखती है। एक तरफ अनिल अंबानी, मेहुल चौकसी जैसे लोग हैं, दूसरी तरफ किसान, मजदूर। हम ऐसा देश चाहते हैं, जहां सबको न्याय मिले।

मोदी जी देश के युवाओं को बताइए कि पांच साल से आप सिर्फ भाषण दे रहे हैं, उनको रोजगार नहीं दे पाए। आज मोदी के राज में 45 साल की सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। राफेल डील पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी देश को बताइए कि आपने राफेल डील में अनिल अंबानी को ₹ 30,000 करोड़ क्यों दिए? 526 करोड़ के विमान को आपने 1600 करोड़ में क्यों खरीदा।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ऐतिहासिक काम किए हैं और इस बार सरकार बनते ही हम ऐतिहासिक कदम के रूप में न्यूनतम आय गारंटी लागू करने जा रहे हैं। हर गरीब व्यक्ति को न्यूनतम आय की गारंटी कांग्रेस पार्टी देगी। जनता से वादा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार बनते ही हमारा पहला काम महिलाओं को आरक्षण देने का होगा।

नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकार में आने पर हम जीएसटी में सुधार करेंगे। किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और हम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। वो बीमा के लिए पैसा देते हैं, लेकिन उसका फायदा कंपनियों को मिलता है। संसद में खड़े होकर मोदी जी मनरेगा को सबसे बड़ी गलती कहते हैं।

मनरेगा का मजाक उड़ाते हैं और आपसे आपके मनरेगा का पैसा छीन लेते हैं। मोदी जी लोकसभा में जीतते ही जमीन अधिग्रहण बिल को खत्म करने की कोशिश करते हैं। तीन बार इस बिल को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन हम पीछे नहीं हटे। अंत में, वो राज्यों की अपनी सरकारों से बिल बदलने को कहते हैं। जैसा कि आप जानते हैं जैसे- जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे- वैसे पक्ष और विपक्ष के बीच चुबानी जंग तेज होती जा रही है।