यहां है सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, मंदिर-मस्जिद व गुरुद्वारे का अनूठा संगम

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यमुनानगर। सभी धर्मों का मूल एक है इसकी मिसाल तो सभी देते हैं, लेकिन जो इसका पालन करे वही सच्चा इंसान है। जिले के गांव छछरौली में एक ही स्थान पर बने मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारा इसकी बानगी पेश कर रहे हैं। तीनों ही परिसरों में तैनात सेवादार सभी त्योहार एक साथ मिलकर मनाते हैं। सोमवार को ईद का त्योहार भी एक-दूसरे को बधाई देकर मनाया।

बता दें कि सुबह चार बजे जहां मस्जिद में अजान होती है तो गुरुद्वारे में ग्रंथी सेवादार गुरुवाणी करते हैं, वहीं राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से ही भजनों से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

बाबरी कांड का भी नहीं पड़ा असर : यासीन

जामा मस्जिद छछरौली का वर्ष 1981 से जिम्मा संभाल रहे 73 वर्षीय हकीम हाफिज मोहम्मद यासीन का कहना है कि दुनिया में चाहे कहीं कुछ भी हो यहां का भाईचारा कभी नहीं टूटता। 1991 में बाबरी विध्वंस कांड के दौरान भी यहां सौहार्द पूर्ण माहौल रहा।

भाईचारा सबसे ऊपर : कंवलप्रीत

श्री गुरुद्वारा सिंह सभा में 13 वर्ष से सेवा दे रहे ग्रंथी सेवादार भाई कंवल प्रीत ङ्क्षसह के मुताबिक तीनों ही परिसरों में लगे सेवादार आपसी तालमेल रखते हैं और यहां आने वाले लोग भी एक दूसरे की मुसीबत में साथ खड़े रहते हैं।

दुख-सुख में शामिल होते : ललित

मस्जिद और गुरुद्वारे की दीवार से सटे राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी ललित शर्मा का कहना है कि ङ्क्षहदुओं के त्योहार पर गुरुद्वारे और मस्जिद के सेवादार यहां आकर सहयोग करते हैं। यहां के सभी लोग सर्व धर्म की मिसाल पेश कर रहे हैं।