विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में ही पूर्ण करें, निर्माण कार्यों में निरंतरता बनी रहे – तोमर

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ग्वालियर । शहर में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे। निर्धारित समय में कार्य पूर्ण हों, यह सुनिश्चित किया जाए। उक्त निर्देश केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास एवं खनन मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शहर में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिए।
रविवार को दोपहर पश्चात शहर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने निकले केन्द्रीय मंत्री तोमर के साथ महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. संगीता शुक्ला, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश जादौन्, संभागीय आयुक्त बी एम शर्मा, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आनंद मिश्रा  सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जीवाजी विश्वविद्यालय में मल्टी आर्ट कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जीवाजी विश्वविद्यालय में 15 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित किए जा रहे मल्टी आर्ट कॉम्प्लेक्स और ओपन आर्ट सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेन्सी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य 10 फरवरी तक अनिवार्यत: पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए।
जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. संगीता शुक्ला ने बताया कि निर्माण विभाग द्वारा निर्माण की गति में और तेजी लाने की आवश्यकता है। संबंधित ठेकेदार को भी निर्देशित किया गया है कि कार्य में तेजी लाएँ।

एक हजार बिस्तर के अस्पताल के निर्माण का अवलोकन
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जयारोग्य चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन एक हजार बिस्तर के अस्पताल का अवलोकन किया। इसका निर्माण 150 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने संभागीय आयुक्त बी एम शर्मा को निर्देशित किया कि अस्पताल के निर्माण में तेजी लाने के लिये संबंधित निर्माण एजेन्सी के साथ एक सप्ताह में बैठक आयोजित कर कार्य में तेजी लाने की कार्रवाई की जाए।

रेलवे ओव्हरब्रिज निर्माण कार्यों का निरीक्षण
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्वालियर में निर्मित किए जा रहे रेलवे ओव्हरब्रिजों का भी अवलोकन किया। उन्होंने राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और शताब्दीपुरम रेलवे ओव्हरब्रिज निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में पाँच रेलवे ओव्हरब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के पास, पड़ाव, तानसेन रोड़ और गाँधी रोड़ के मध्य, शताब्दीपुरम और ट्रिपल आईआईटीएम से महू-जमाहर रोड़ पर रेलवे ओवरब्रिज का कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित किए जा रहे आवास का अवलोकन
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सागर ताल रोड़ पर नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित किए जा रहे आवासीय इकाईयों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवास योजना के तहत निर्मित किए जा रहे आवासीय इकाईयों का कार्य तेजी के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराए जा सकें।
नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि नगर निगम द्वारा 6 हजार मकानों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके लिये 200 करोड़ रूपए की राशि भी मंजूर की गई है। सभी आवास इकाईयों के पास शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के साथ ही सीवर, पानी, विद्युत के साथ ही मूलभूत सुविधायें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जलालपुर के पास अमृत परियोजना के तहत नगर निगम द्वारा 145 एमएलडी क्षमता के सीवर ट्रीटमेंट निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस ट्रीटमेंट प्लांट के बन जाने से स्वर्ण रेखा नदी से आने वाले सीवर का ट्रीटमेंट किया जायेगा। इसके साथ ही लाल टिपारा पर भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन दोनों ट्रीटमेंट प्लांट के बन जाने से ग्वालियर की सीवर समस्या से निजात मिलेगी। नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।

शासकीय एजेन्सियों को भी भवन निर्माण की अनुमति जरूरी
संभागीय आयुक्त बी एम शर्मा ने निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को कहा है कि शासकीय विभागों के निर्माण कार्यों के लिये भी निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। सभी निर्माण एजेन्सियाँ अपने निर्माण कार्यों में सीवर, पानी, पार्किंग आदि का विस्तृत प्लान तैयार कर निगम से विधिवत अनुमति प्राप्त कर निर्माण करें। जीवाजी विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, हाउसिंग बोर्ड एवं अन्य विभागों के निर्माण कार्यों की अनुमति भी निगम से लेना आवश्यक है। बिना अनुमति के कोई भी विभाग निर्माण कार्य न करे। अनुमति के साथ ही अपने निर्माण स्थल पर सीवर, पानी और पार्किंग का प्लान अनिवार्यत: प्रस्तुत करें।