संत रामपाल को कोर्ट ने दी राहत , दो केस में बरी

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हिसार। स्वयंभू संत रामपाल को कोर्ट ने राहत देते हुए दो केस में बरी कर दिया है। लेकिन हत्या और देशद्रोह का केस रामपाल पर चलता रहेगा। संत रामपाल पर आज दो मामलों में फैसला आना था। सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल और अन्य लोगों के खिलाफ 18 नवंबर 2014 को सरकारी काम में बाधा डालने और रास्ता रोककर बंधक बनाने के आरोप हैं। इनमें से एक मामले में रामपाल समेत पांच लोग अभियुक्त थे, वहीं दूसरे में छह को आरोपी बनाया गया था।

बता दें कि सतलोक आश्रम संचालक संत रामपाल पर चल रहे चार में से दो मामलों में हिसार कोर्ट ने फैसला सुनाया है। बीते बुधवार को संत रामपाल के खिलाफ दर्ज धारा 201, धारा 426, धारा 427 और धारा 443 के तहत पेशी हुई थी। अदालत ने संत रामपाल को धारा 426 और 427 वाले मामले में बरी कर दिया है। संत रामपाल के वकील एपी सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है।

रामपाल को हिसार की जिला अदालत ने रामपाल को बंधक बनाने और पुलिस के हमला करने के मामले से बरी कर दिया है। हालांकि देशद्रोह और हत्या का मामला अभी चलता रहेगा। हालांकि रामपाल पर जब तक सभी मामलों में बरी नहीं होता तब तक वो उसे जेल में ही रहना पड़ेगा।

कौन है संत रामपाल ?

कबीरपंथी विचारधारा के समर्थक संत रामपाल स्वामी रामदेवानंद महाराज का शिष्य है। उसका जन्म सोनीपत के गोहाना के धनाया गांव में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद सिंचाई विभाग में उसकी नौकरी लग गई थी। इसी दौरान स्वामी रामदेवानंद महाराज से उसकी मुलाकात हुई। जिसके बाद वह उनका शिष्य बन गया। वर्ष 1995 में रामपाल ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सत्संग करने लगा। धीरे-धीरे उसके अनुयायियों की संख्या बढ़ती चली गई। 1999 में बंदीछोड़ ट्रस्ट की मदद से रामपाल ने सतलोक आश्रम की नींव रखी।

हिंसा के बाद गिरफ्तारी

वर्ष 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी कर दी थी। जिसके बाद आर्यसमाज और रामपाल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में एक शख्स की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने आश्रम को कब्जे में ले लिया और रामपाल और उसके 24 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। 2009 में रामपाल को वापस आश्रम मिल गया। जिसके बाद आर्य समाज के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने आर्य समाज की याचिका को खारिज कर दिया। जिसके बाद नाराज आर्यसमाजियों का मई 2013 में फिर रामपाल समर्थकों से झड़प हो गया। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी, वहीं सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।