तलवार दंपति की सोमवार तक टल सकती है रिहाई

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नई दिल्ली। बहुर्चिचत आरूषि हत्याकांड में कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद आज सुबह से ही डासना जेल में होने वाली गतिविधि पर नजदीक से नजर रखने के लिए जेल के बाहर मीडियार्किमयों की भीड़ लगी हुई है क्योंकि इसी उच्च सुरक्षा वाले जेल में राजेश और नुपुर तलवार पिछले चार साल से बंद हैं।

इसी बीच आशंका जताई जा रही है कि उनकी रिहाई में देरी हो सकती है, क्योंकि अभी तक जेल को फैसले की कॉपी नहीं मिली है। गौरतलब है कि जब तक फैसले की कॉपी नहीं मिलेगी तब तक रिहाई नहीं हो सकती।  कल शनिवार, रविवार छुट्टी होने के कारण सोमवार को ही रिहाई हो पाएगी।

उधर, जैसे- जैसे दिन चढता गया, डासना जेल के बाहर भीड़ बढती गयी। इसमें मीडियार्किमयों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं । हर व्यक्ति तलवार दंपति के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कल तलवार दंपति को 2008 में उनकी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या के आरोप से बरी कर दिया।

अभी तक रहस्य बना हुआ यह सनसनीखेज हत्याकांड टीवी और समाचारपत्रों में एक बार फिर से प्रमुखता से आ गया है। जेल के बाहर इकट्ठे मीडियाकर्मी तलवार दंपति की रिहाई के हर क्षण को………और उनकी जेल की जिंदगी को कवर करना चाहते हैं ।

राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया से जुड़े पत्रकार क्षण क्षण की खबर का लाइव फीड दे रहे हैं। प्रिंट मीडिया के पत्रकार हर छोटी छोटी जानकारी जुटा कर उसे समाचार का रूप देकर मोबाइल के माध्यम से जारी करा रहे हैं । जेल में अपने संबंधियों से मिल कर बाहर निकलने वाले लोगों के पास भी मीडिया वाले दौड़ रहे हैं ताकि उनसे उन्हें यह जनकारी मिल सके कि जेल के अंदर क्या हो रहा है।

डासना जेल के अधीक्षक दधीराम मौर्य ने संवाददाताओं को बताया,‘‘हमें अभी तक अदालत का आदेश नहीं मिला है। जैसे ही हमें आदेश की प्रति मिलेगी हम उन्हें रिहा कर देंगे।  जेल के आस पास अतिरिक्त सुरक्षार्किमयों को तैनात किया गया है। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नुपुर तलवार कैदियों के दांतों की जांच करती थी।

पेशे से दंत चिकित्सक तलवार दंपति दोहरे हत्याकांड में नवंबर 2013 से डासना जेल में बंद हैं । अपने फैसले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि तलवार दंपति को दोषी करार देते के लिए न तो परिस्थितियां और न ही पर्याप्त साक्ष्य हैं । तलवार दंपति के नोएडा स्थित आवास पर आरुषि तलवार 16 मई 2008 को अपने बेडरूम में मृत मिली थी । इसके अगले दिन हेमराज का शव छत पर उसके कमरे से मिला था।