हमारे पास नकली नोटों का ब्यौरा नहीं: आरबीआई

0
547

देश के नकली नोटों की समस्या को खत्म करने के सरकारी दावे फेल होते दिख रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्वीकार किया है कि नोटबंदी के बाद से बैंकों को मिले नकली नोटों की संख्या का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल वी. गलगली ने एक आरटीआई दाखिल कर इसकी जानकारी मांगी थी. दाखिल आरटीआई के जवाब में आरबीआई के मुद्रा प्रबंधन विभाग (जाली नोट सतर्कता प्रभाग) ने कहा, “अभी हमारे पास इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.” भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि बैंकों में जमा किये गये 500, 1000 रुपये के चलन से वापस लिये गये नोटों में नकली करेंसी होने का कोई रिकॉर्ड नहीं है.गलगली ने कहा, “आरबीआई के जवाब से स्पष्ट है कि सरकार अपने प्रयास में असफल रही है. अब यह प्रधानमंत्री पर है कि वह देश हित में जब्त नोटों की संख्या का ऐलान करें.” रिजर्व बैंक ने मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है. आरटीआई में गलगली ने जानना चाहा था कि 10 दिसंबर 2016 तक बैंकों में 500, 1,000 रुपये के चलन से हटाये गये कितने नकली नोट जमा किये गये पर इसके जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

इससे पहले रिजर्व बैंक ने नोटबंदी से पहले बैंक और सरकार के बीच हुये विचार विमर्श के बारे में जानकारी देने से इनकार किया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी. यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी नोटबंदी से पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार और वित्त मंत्रालय के साथ विचार विमर्श के बारे में जानकारी देने से इनकार कर किया था.