लाभ मण्डपम में छाया रहा चार पीढिय़ों का शानदार फिल्मी सफर

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लाभ मण्डपम में सजे अग्रसेन दरबार में छाया रहा चार पीढिय़ों का शानदार फिल्मी सफर

जूनियर राजकपूर और शशि कपूर ने बांधे रखा महफिल में समा

इन्दौर। भारतीय चित्रपट के 100 साल के लम्बे सफर में कपूर खानदान के उस दौर के पृथ्वीराज कपूर से लेकर मौजूदा दौर के रणबीर कपूर के योगदान को कल अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में अग्रसेन दरबार द्वारा आयोजित संगीत निशा कपूर-टू-कपूर में मुम्बई से शहर में प्रस्तुति देने आये कलाकारों ने बखुबी पेश किया।
समय से करीब 1 घण्टा देरी से शुरू हुए कार्यक्रम में जैसे ही मुम्बई के सुत्रधार डी महेश मोर्चा संभाला कपूर खानदान का फिल्मी सफरनामा ऐसा चला की फिर उसने अंत तक थमने का नाम नहीं लिया। मनोरंजक सफर के दौरान भारतीय फिल्म जगत के 100 सालों के सफर में पैदाईशी दौर और मौजूदा दौर के महान कपूर कलाकारों के सदाबहार गीतों को मुम्बई से आये अतुल शेट्टी ने अपनी टीम के साथ बखुबी पेश किया। कार्यक्रम की शुरूआत पृथ्वीराज कपूर के देश प्रेम को दर्शाते गीत जहां डाल डाल पे सोने की चिडिय़ां करती है बसेरा…से की गई तो वहीं उन्ही पर फिल्माया गया अमर गीत जब प्यार किया तो डरना क्या… मुम्बई की गायिका प्रिया चौहान ने अपने सुरीलेे कंठ से प्रस्तुत किया तो हॉल तालियों से गुंज उठा। इसके बाद बारी आई भारतीय चित्रपट के द ग्रेड शो मेन कहे जाने वाले राजकपूर की। मुम्बई के गायक राजनारायण ने राजकपूर पर जब लयबध गीत आवारा हूं…किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार…मेरा जुता है जापानी… पेश किया तो पुरा माहौल फिल्मी लगने लगा। सफरनामें के दौरान शम्मी ,शशि, रणधीर और राजकपूर के बाद सबसे ज्यादा नाम कमाने वाले ऋषि कपूर जिनकी फिल्मों के सुपर-डुपर गीत एक हसीना थी एक दिवाना था, बचना है हसीनों गायक कोमल और प्रमोद ने अपने अंदाज में पेश किये। अंत में मौजुदा दौर के रणबीर और करीना के कुछ चुनिन्दा गीतों को भी मुम्बईयां कलाकारों ने बखुबी पेश कर श्रोताओं की खुब दाद बटोरी।


जूनियर कलाकारों ने खुब समा बांधा

ऐतिहासिक फिल्मी यात्रा को लेकर आयोजित किये गये कार्यक्रम कपूर टू कपूर में कपूर खानदान के सदाबहार नगमों पर मुम्बई से आये जूनियर राजकपुर और शशि कपूर ने सुरिले नगमों पर अपने अदायगी से श्रोताओं का मन मोह लिया और उन्हें झुमने पर मजबूर कर दिया।