बंदर की मौत: रीति रिवाज से किया अंतिम संस्कार।

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सबका चहेता बन गया था बन्दर, गांव वालों ने दिया भोज!

महाराष्ट्र। इंसान और बंदर की दोस्ती बहुत पुरानी हैं। भगवान राम और भगवान हनुमान इस दोस्ती का एक अनुपम उदाहरण हैं। लेकिन वर्तमान समय में जहां लोग किसी की सहायता करने से खुद को दूर रखते हैं। ऐसे में अगर एक गांव में बदर की मौत होने पर गांव के लोगों ने ना केवल उसका अंतिम संस्कार इंसानों की तरह किया।

यह जानकर हर कोई आश्चर्य करता हैं। ऐसा महाराष्ट्र के जलगांव जिले के निमगव्हाण गांव में हुआ। जो तापी नदी के तट पर बसा हुआ हैं। इस गांव में कुछ दिनों पूर्व एक बंदर आया था जो कुछ ही दिनों में गांव वालों का चहेता बन गया।

लेकिन बंदर की एक हादसे में मौत हो गई। बंदर की मौत पर गांव के करीब 200 लोगों ने मुंडन संस्कार करवा कर शोक जताया। दशक्रिया विधि के दिन लोगों ने सामुहिक रूप से पैसा जमा कर भोजन का आयोजन किया। यह देखकर लगा कि ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता हैं।