“आखिर कब तक प्रताड़ित होंगे ईमानदार शिक्षक” :: श्री गनावादिया

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*इंदौर/ शा.कन्या प्राथ. वि. दूधिया में कार्यरत दो शिक्षको के अत्याचार ,षड्यंत्र से घटित अत्यंत गंभीर घटनाओ के दोषी (सहा. शिक्षक हिमांशु बुले,व सहा. अध्यापक पंकज सिंघल) की नामजद जांच आदेश होने के बाद भी जांच अधिकारी तात्कालिन एसडीएमश्रीमती नीता राठौर ने मूल आरोपियों के अनेक गंभीर मामलो की जांच किए बगैर ही जांच आदेश आदेश क्र.10/96/स्था.शिक्षा/ 2016-17 इंदौर दिनांक 07/10/2016 के मूल बिन्दुओ के साथ पद का दुरुपयोग व मनमानी जांच करते हुए घटना के फरियादी व पीड़ित अध्यापक भारत भार्गव पर ही बे-बुनियाद गंभीर आरोप लगा दिये। जबकि जांच उन दो शिक्षको पर लगे अत्यंत गंभीर आरोप (शाला में अध्ययनरत नन्ही छात्राओ से अश्लील वार्तालाप, गाली गलोच व बर्बरता पूर्वक मारपीट किए जाने के साथ ही ,महिला शिक्षिकाओ के साथ भी अत्याचार करते हुए अनेक प्रकार की गंभीर अनियमितताएँ ) की जांच करने के स्पष्ट आदेश थे।(मूल आदेश की कॉपी सलग्न) इसी जांच के आधार पर सी. ई. ओ. जिला पंचायत इंदौर ने मूल जांच आदेश देखे बिना ही इसी मनमानी जांच को आधार मानकर गंभीर मामलो के दोषी शिक्षक हिमांशु बुले व पंकज सिंघल के समान ही घटना के पीड़ित व फरियादी श्री भार्गव पर भी फर्जी आरोप लगाकर की भी दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए दूर जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले 50 km दूर स्थित चोरल के खेड़ापूर प्राथमिक शाला में अटेचमेंट कर दिया।
यह आरोप लगाते हुए कई सामाजिक संघठन व कर्मचारी संघो ने विगत दिनो श्री भार्गव के समर्थन में जिलाधीश महोदय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया था, । प्रगतिशील बलाई समाज संघठन म.प्र. बलाई महासभा के प्रांतीय महासचिव सुभाष गनावादिया,दलित चेतना मंच के प्रांताध्यक्ष जी. डी. जारवाल, गौतम बाकोड़े,विजय चोहान, चिंटू मालवीय, राजेश कोचले,ने बताया शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य करने वाले अध्यापक श्री भार्गव जिंहोने गंभीर मामलो व किसी भी अनहोनी होने से पहले प्रशासन को दर्जनो बार सचेत करते हुए न्याय की मांग की थी। उसी पीड़ित फरियादी अध्यापक पर झूठे इल्जाम लगाकर प्रताड़ित किए जाने के खिलाफ मुख्यमंत्री व अनुसूचित जाति आयोग को पत्र लिखकर इस मामले में दोषियो पर कार्यवाही कर श्री भार्गव को दोषमुक्त कर न्याय किए जाने की मांग की थी । म.प्र. राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने अध्यापक भारत भार्गव के साथ हो रहे निरंतर अन्याय व अत्याचारो को संज्ञान में लेकर इंदौर कलेक्टर को पत्र लिखकर उक्त गंभीर प्रकरण में उचित व कारगर कार्यवाही कर प्रार्थी की समस्या का समाधान कर जांच रिपोर्ट प्रतिवेदन से आयोग को आगामी 15 दिनों में अवगत करवाने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में इस पत्र की प्रतिलिपि सामाजिक संघो को भी प्राप्त हुई है । (पत्र की प्रतिलिपि न्यूज़ के साथ सलग्न हैं।)
श्री गनावदिया ने आगे बताया की शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करते हुए अत्यंत गंभीर घटनाओ के खिलाफ शासन प्रशासन से न्याय की मांग करने वाले अध्यापक को ही प्राताड़ित कर दंडित करने वाले अधिकारियों की तानाशाही किसी भी स्थति में सहन नहीं की जाएगी। ज्ञात हो की आरोपियों (सहा. शिक्षक हिमांशु बुले,व सहा. अध्यापक पंकज सिंघलव गाँव के दो निजी स्कूल संचालको सुरेश जाट व तरुण वर्मा)के खिलाफ डी. आई.जी. महोदय ने भी जांच कारवाई ,जांच में आरोप सिद्ध होने 13 माहिने बाद विगत 25 अक्टूबर 2017 को गंभीर धाराओ में खुड़ेल थाने में एफ. आई. आर. दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी आज दिन तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई हैं। एक तरफ अध्यापक श्री भार्गव को आरोपियों से जान का खतरा हैं और दूसरी तरफ फिर उसी मामले में प्रताड़ित करते हुए इंदौर से बाहर धार जिले में अटेचमेंट करवाने के आदेश आखिर ये अन्याय क्यो और कब तक करेंगे। इस अन्याय के खिलाफ श्री भार्गव के साथ पूरा समाज खड़ा होगा।