ईरान परमाणु संधि को मान्यता नही : डोनाल्‍ड ट्रंप की घोषणा

0
117

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने भाषण में 2015 के ईरान न्यूक्लियर डील समझौते को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. जी हां, ट्रंप ने अपने भाषण में घोषणा में कहा है कि वह ईरान के न्यूक्लियर डील को मान्यता नहीं देंगे. साथ ही इस डील को रद्द करने की धमकी भी दी है और कहा कि तेहरान समझौते का पालन नहीं कर रहा है.

ट्रंप ने ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स पर प्रतिबंध लगाने के संकेत देते हुए तेहरान की जमकर आलोचना की और सीरिया, यमन और ईराक में अमेरिकी कार्रवाई में बाधा पहुंचाने का आरोप भी लगाया.

इतना ही नही ट्रंप ने कहा कि हम उस पर रास्ते पर नहीं चल सकते जिसका अंत बहुत ज्यादा हिंसा, अत्यधिक आतंक हो और साथ में ईरान के परमाणु हथियारों की धमकी भी हो. अमेरिका की इस नई नीति ने तेहरान को नाराज कर दिया है.

बता दें कि ट्रंप का यह फैसला उनकी अंतर्राष्ट्रीय समझौतों में ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत देखा जा रहा है. जिसके तहत उन्होंने पेरिस क्लाइमेट समझौता और ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप ट्रेड टॉक से अमेरिका को अलग कर लिया. इसके अलावा कनाडा और मेक्सिको के साथ नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर दोबारा बातचीत की.

ट्रंप को जवाब देते हुए ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान समझौते के प्रति दृढ़ है. इतना ही नही ईरान के राष्ट्रपति रोहानी ने ट्रंप को आधारहीन आरोप लगाने वाला बताया है.

गौरतलब है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते में अमेरिका, फ्रांस, रूस, चीन, जर्मनी और ब्रिटेन शामिल थे और यह समझौता जुलाई 2015 में हुआ था. बता दें कि इस समझौते के तहत ईरान पर परमाणु हथियारों बनाने पर पूरी तरह से बैन कर दिया था. इस सम्जौठे को फॉलो करते हुए ईरान ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है.

लेकिन इसके बाद भी अमेरिका इस समझौते से बाहर निकलना चाहता है. ऐसी स्थिति में समझौते में शामिल अन्‍य 5 देश ईरान के साथ आकर खड़े हो गए हैं. इनका कहना है कि जब तक ईरान इस समझौते को फॉलो करता है, तब तक अमेरिका को इस समझौते से पीछे नही हटना चाहिए