पत्रकार हत्याकांड: CBI ने राम रहीम को फांसी देने की मांग की

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सीबीआई की एक अदालत ने 2002 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के साथ तीन अन्य को भी दोषी करार दिया था। हालांकि उसके बाद उसे सजा नहीं सुनाई गई थी। सजा का ऐलान आज यानि 17 जनवरी को किया जाएगा। सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए रोहतक की सुरनिया जेल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। राम रहीम को सुनरिया जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाई जाएगी। CBI ने कोर्ट ने राम रहीम को फांसी देने की मांग की है।गुरमीत (51) रोहतक की सुरनिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ। वह अपनी दो अनुयायियों से बलात्कार करने के मामले में फिलहाल 20 साल की कैद की सजा काट रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में छत्रपति की उनके आवास के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश जगदीप सिंह ने यहां डेरा प्रमुख और तीन अन्य को इस मामले में दोषी ठहराया। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया, ‘सभी चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।’ इस मामले में 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। तीन अन्य आरोपियों में कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल शामिल हैं।दरअसल उनके अखबार ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में गुरमीत किस तरह से महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता था। यह मामला 2003 में दर्ज किया गया था और इसे 2006 में सीबीआई को सौंपा गया था। मामले में गुरमीत को मुख्य षडयंत्रकर्ता नामजद किया गया था।