आईए जानें, इस चमत्कारी योग में कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं

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ज्योतिष विद्याएं ग्रह और उनके योगों के आधार पर फल का ज्ञान देती हैं। कुछ ग्रह योग अशुभ तो कुछ शुभ माने जाते हैं। अशुभ योग किसी भी व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर देते हैं जबकि कुछ शुभ योग व्यक्ति के जीवन को सुख-चैन से भर देते हैं। ब्रह्म ज्योतिष में बताया गया है कोई भी शुभ काम करने से पहले शुभ योग-संयोग देख लेना चाहिए। इससे कार्य में कोई भी विध्न नहीं पड़ता और निश्चित रूप से कामयाबी मिलती है। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, तीन ग्रहों के योग से एक योग का निर्माण होता है, जिससे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है। इस दौरान कोई भी काम करने से उसका तीन गुना अधिक फल प्राप्त होता है। शनिवार और रविवार को इस योग के आने से छप्पर फाड़ लाभ होता है। आईए जानें, इस चमत्कारी योग में कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं-

रविवार, मंगलवार, शनिवार में से कोई भी वार हो और उन वारों में द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी में से कोई भी तिथि हो तो ऐसे योग को त्रिपुष्कर योग कहते हैं। इस योग में दिए गए धन पर अगर लाभ होता है तो तिगुना और अगर हानि होती है तो वह तिगुनी। इसी कारण इस योग में ऋण लेने से बचना चाहिए।

इस योग में बड़े सौदे करने से तीन गुना लाभ प्राप्त होता है।

इस योग में खरीदी गई जमीन-जायदाद से और भी प्रॉपटी बनती है।

जब इस योग का आगाज हो तो उसी घड़ी में बैंक में पैसा जमा करवाएं। आपके बैंक बैलेंस पर सदा लक्ष्मी मेहरबान रहेगी।

खरीदारी करने के लिए ये मुहूर्त बहुत शुभ है, बड़ी वस्तुएं जैसे जेवरात, वाहन आदि खरीदी जा सकती हैं।

इस योग में जहां तक संभव हो मंदिरों का दर्शन और तीर्थ यात्राएं करें।