सुर लडख़ड़ाये पर डिगने ना दिया आत्मविश्वास : संगीत के उभरते सितारों ने

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पवन मकवाना 9827360360

10 कलाकारों ने पेश किये 30 सदाबहार नगमें…

इन्दौर। कल प्रीतमलाल दुआ हॉल में आयोजित संगीत की शाम में उभरते कलाकारों के स्टेज पर पहली बार प्रस्तुति के दौरान अपने स्वर से नियंत्रण जरूर खोया मगर आत्मविश्वास को अंत तक जागृत रख कई चुनिंदा नगमें पेश कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। वहां मौजूद उभरते सितारों में पूर्व डीएसपी, व्यापारी, कारोबारी, मैनेजर तो कोई गृहणी थी।
कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना के साथ ही उभरते कलाकारों ने दीप जलाकर की। इसके बाद उम्र के करीब 60 बंसत से ज्यादा देख चुके गजेन्द्र जैन ने पहली बार जब स्टेज पर वादिया मेरा दामन… पेश किया तो सभी ने उनका तालियों से स्वागत किया। इन्ही सितारों के बीच अपराधियों के मुहं से सत्य की सरगम निकालने वाले बेदाग छबि और बेजौड़ गायिकी के धनी पूर्व डीएसपी रवि अत्रोलिया ने जब श्रोताओं के बीच में शायर तो नहीं मगर ऐ हसी… अपने सुरिले अंजाद में सुनाया तो हॉल वाह वाह से गुंज उठा। इसी के साथ होटल का सम्पूर्ण मैनेजमेंट बखूबी संभालने वाले पैशे से मैनेजर मनोज चौधरी जीवन में पहली बार जब सुपर हिट गीत माना हो तुम बेहद हसी लेकर पहुंचे तो अपने सुरों को ठीक ढंग से लगा नहीं पाये और लडख़ड़ा गये मगर उन्होने आत्मविश्वास नहीं खोया और गीत को उसके अंजाम तक पहुंचाया। संगीत की महफिल में अन्य उभरते कलाकार कुलदीप सोनी ने कितने भी तु कर ले सितम… रमेश सेठ ने अकेले है चले आओ…जयश्री ने तुम्ही मेरे मंदिर तुम्ही मेरी पुजा..युगल गीत में आशुतोष और सुनिता ने चुरा लिया है तुमने जो दिल को… कच्चे सुर से मगर दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन के पहले स्टेज प्रोग्राम में प्रस्तुत किया। इन सभी सितारों को एक सुत्र में बांधने का श्रेय अन्नु शर्मा और उनकी टीम को जाता है। गायकों का साथ कीबोर्ड पर दीपेश जैन, ढोलक पर बाबला, अंकित और उनके साथियों ने दिया।