कुछ राज्यों में बढ़ सकती है बिजली की कीमतें!

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थर्मल पावर की मांग बढ़ने और और कोयले की कम सप्लाई के चलते बिजली की कीमतें 2 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को बिजली के भाव 6.20 रुपए प्रति यूनिट हो गए। इस कारण कुछ राज्यों में बिजली की कीमतें बढ़ सकती है। बिजली का प्रति यूनिट 6 रुपए दाम 2016 में पहुंचा था। पिछले हफ्ते बिजली की कीमतें 4 रुपए प्रति यूनिट के आसपास थीं।

मांग बढ़ने से पिछले 7 दिन में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज पर बिजली की कीमतें 2 रुपए प्रति यूनिट बढ़ गई। पश्चिम भारत से उत्तर भारत को बिजली भेजने वाली लाइन फेल होने को कारण उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में सोमवार को बिजली की कीमतें 8 रुपए प्रति यूनिट हो गई। अभी ये 7.43 रुपए प्रति यूनिट के आसपास है।

कई जानकारों का मानना है कि बिजली की उंची दर ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रहेगी। जो इंडस्ट्रीज सीधे एक्सचेंज से बिजली खरीदती हैं उनको ये बिजली महंगी पड़ेगी। गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्रप्रदेश और तमिलानाडु जैसे राज्य बिजली की कमी होने पर स्पॉट मार्केट से बिजली खरीदते हैं। अगर इनको महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी तो ये इसका भार रिटेल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों पर डालेंगे।

ग्राहकों पर कितना भार डाला जाएगा ये उस राज्य के रेगुलेटर ही तय करेंगे। एक राज्य के अधिकारी ने कहा कि रेगुलेटर ने उनको रिटेल ग्राहकों के लिए दाम बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। आईसीआरए की सीनियर वीपी सब्यसाची मजूमदार के मुताबिक मध्यम अवधि में बिजली की कीमतें 3.5 रुपए प्रति यूनिट तक रहेंगी।