दुःख से आनंद की ओर ले जाना वाला एक पथ है “भगवत गीता” : गो.श्री दिव्येशकुमार जी महाराज

0
228

इंदौर : समस्त वेदो का सार उपनिषद है और उपनिषदों का सार है वो श्रीमद भगवत गीता है. जिस प्रकार एक माँ अपने बालक को पुष्ट करती है उसी प्रकार श्रीमद भगवत गीता एक भक्त को पुष्ट करती है .श्रीमद भगवत गीता भय से निर्भयता का एक मार्ग है , दुःख से आनंद की ओर ले जाना वाला एक पथ है ,विषाद से प्रसाद की ओर की एक यात्रा है .

यह बात गीता भवन में 60वें गीता जयंती महोत्सव में गोवर्धननाथ मंदिर के गो.श्री दिव्येशकुमार जी महाराज ने मंगलवार को कही। इस अवसर काफी संख्या में भक्तजनों ने महाराज के श्रीवचनो का लाभ लिया .